Tuesday, June 11, 2019

वर्ल्ड कप 2019 : जिद्दी बेल्स से परेशान है खिलाड़ी, विराट व फिंच ने उठाया यह कदम



इस वर्ल्ड कप में पांच बार ऐसा हो चुका है जब गेंद स्टंप पर लगी और गिल्लियां नहीं गिरीं। चार बार तो तेज गेंदबाजों की गेंद लगने के बाद गिल्लियां नहीं गिरी। यहां तक कि दो-तीन बार तो स्टंप में लगी एलईडी लाइट भी नहीं जली। ऐसे में यह ये जिंग बेल्स (एलईडी गिल्लियां) कहीं विश्व कप के चैंपियन की सूरत ही ना बदल दें क्योंकि अगर सेमीफाइनल और फाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले में गेंद के लगने के बाद गिल्लियां नहीं गिरीं तो मैच की सूरत ही बदल सकती है।
इससे पहले आइपीएल 2019 के दौरान भी ऐसा हो चुका है। हालांकि 2015 विश्व कप में भी ऐसा हुआ था लेकिन उस समय ऐसी घटनाएं इक्का-दुक्का ही थीं। इन नई जिंग गिलियों को ‘जिद्दी बेल्स’ भी कहा जा रहा है। ये तेज से तेज बोलर की गेंद स्टंप्स में लगने के बावजूद गिरने को तैयार नहीं हैं। खिलाड़ियों के साथ-साथ क्रिकेट फैंस भले इससे चौंके हों, लेकिन आईसीसी इसे बेहद सामान्य मान रहा है।
दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली, आरोन फिंच इसपर हैरानी जता चुके हैं वहीं आईसीसी फिलहाल वर्ल्ड कप के बीच में इनमें कोई बदलाव करने पर विचार भी नहीं कर रहा है। वर्ल्ड कप के अब तक हुए 14 मैचों में कुल 5 बार ऐसा हो चुका है, जब स्टंप्स पर गेंद लगी बावजूद इसके गिल्लियां नहीं गिरीं। फिलहाल तक इसके पीछे गिल्लियों के भारी होने को वजह बताया जाता रहा है।
ऐसा इसलिए क्योंकि नए जिंग बेल्स में फ्लैशिंग लाइट्स हैं, उनके तार भी उसी के अंदर हैं। माना जा रहा है कि इससे गिल्लियों का वजन बढ़ गया है। हालांकि, आईसीसी ने ऐसी बातों को तर्कहीन कहा। उनका कहना है कि बेल्स पहले की तरह ही हल्की हैं और वर्ल्ड कप के बीच में इनको बदलने पर विचार नहीं किया जाएगा।
इस पर कोहली ने कहा, ‘मुझे लगता है कि कोई भी टीम यह नहीं चाहेगी कि गेंदबाज कोई अच्छी गेंद डाले और बल्लेबाज फिर भी आउट न हो। गेंद स्टंप पर लगी लेकिन लाइट नहीं जली, कभी लाइट जली तो गिल्लियां नीचे नहीं आईं। मैंने पहले बहुत बार ऐसा होता नहीं देखा है।’
वहीं फिंच बोले, ‘आज भले यह फैसला हमारे पक्ष में था, लेकिन मैं आगे की बात करूं तो यह गलत है। मुझे भी पता है कि डेविड आउट थे, गेंद भी काफी तेज स्टंप पर लगी थी। ऐसा बार बार होगा तो दुर्भाग्यपूर्ण है। वर्ल्ड कप फाइनल या सेमीफाइनल मे ऐसा देखना कोई पसंद नहीं करेगा।’
खबरों के मुताबिक, ‘पिछले 4-5 सालों में बेल्स और स्टंप्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह आईसीसी के साथ-साथ घरेलू खेलों में भी वैसी ही हैं। हम टूर्नमेंट के बीच में कोई बदलाव नहीं करेंगे। सभी 10 टीम सभी 48 मैचों में इनका ही इस्तेमाल करेंगी।’

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