नोएडा में बन रहा ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक, हुए फेल तो नहीं बनेगा लाइसेंस
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नोएडा में प्रदेश का पहला ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनेगा। इस ट्रैक पर टेस्ट देने के बाद ही ड्राइविग लाइसेंस के लिए योग्य या अयोग्य माना जाएगा। इसके लिए यातायात नियम को ध्यान में रखकर वाहन चलाना आना चाहिए। उसके बाद ही लाइसेंस जारी हो सकेगा।
नोएडा सेक्टर-108 में तैयार ट्रैफिक पार्क में परिवहन विभाग के शिफ्ट होने के बाद इस ट्रैक को शुरू करने की तैयारी होगी। इसमें ऐसे ऑटोमेटिक सेंसर लगेंगे, जो कि वाहन चलाने के टेस्ट के दौरान आपका परिणाम बनाएंगे।
अगर आप यातायात नियम नहीं जानते या जानने के बाद भी आपने उल्लंघन किया तो डीएल नहीं मिल पाएगा। इस ट्रैक पर विभिन्न प्रकार के ट्रैफिक सिग्नलों के अलावा अंडरपास, फ्लाइओवर, एलिवेटेड, पहाड़ी क्षेत्र व अन्य प्रकार की चुनौतियों की परीक्षा देने के लिए आपको तैयारी करके आना होगा।
एआरटीओ प्रशासन एके पांडेय ने बताया कि सेक्टर-33 स्थित परिवहन विभाग जुलाई में सेक्टर-108 में तैयार ट्रैफिक पार्क में शिफ्ट होने जा रहा है। इस ट्रैक पर ऑटोमॉनीटर लगे होंगे जो बताएंगे कि परीक्षा के दौरान आपने कितनी बार नियमों का उल्लंघन किया। इसके बाद आपको डीएल मिल सकता है। ये बताएगा कि यदि आपकी वाहन चलाने की क्षमता काफी खराब है तो प्रशिक्षण लेने की जरूरत है।
विदेशों की तर्ज पर नोएडा में भी इस ट्रैक के शुरू होने के बाद डीएल मिलने में इस्तेमाल किए जा रहे सारे जुगाड़ खत्म हो जाएंगे। अभी तो वाहन चलाने का टेस्ट सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। बिना टेस्ट के लोगों के डीएल दिए जाते हैं।

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